असहमति व विभाजित दुनिया में इस्लामिक शिक्षा शांति की स्थापना में हो सकते हैं सहायक

गौतम चौधरी ऐसे समय में, जब समाज संदेह, अफवाहों, वैचारिक ध्रुवीकरण और परस्पर शत्रुता के कारण लगातार विभाजित होते जा रहे हैं, शांति और सामाजिक

वामपंथ/ फासीवादी एजेंडे की नई कड़ी है “असामान्य जनसांख्यिकीय बदलाव” समिति के गठन की घोषणा

डॉ. गिरीश संकटों से घिरी भाजपा लगातार धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण की राजनीति में संलिप्त है। यह अब किसी से छिपा नहीं है कि जब

BRICS : वर्तमान वैश्विक परिदृष्य में कहां खड़ा है भारत?

गौतम चौधरी विश्व राजनीति के बदलते परिदृश्य में ब्रिक्स आज केवल एक आर्थिक मंच नहीं रह गया है। यह उस वैश्विक असंतोष की अभिव्यक्ति बन

भारतीय राज्य और संघवाद : क्या भारत एक बार फिर-से ऐतिहासिक मोड़ पर आकर खड़ा हो गया है?

गौतम चौधरी आगामी 30 मई यानी आने वाला कल, चंडीगढ़ में “पिंड बचाओ, पंजाब बचाओ मंच” द्वारा एक सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है।

मेधा का पलायन और हमारा खोखला तंत्र, कागज़ी क़ानूनों और व्यवस्था की नाकामी के बीच दांव पर लगा युवाओं का भविष्य

मणिमाला शर्मा ब्लर्बरू ष्जब देश के मेधावी युवा नीट जैसी परीक्षा के अंतहीन घोटालों, अदालती अनिश्चितताओं और लचर परीक्षा तंत्र से तंग आकर बारहवीं पास

दुराग्रह से प्रायोजित बहस, जवाहर लाल नेहरू के योगदान को कम कर सकती है?

वेदव्यास आज के भारत में महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू ही दो ऐसे नाम हैं जिनके बारे में बच्चे बूढ़े कुछ न कुछ जरूर

जारी है गरिमा और बुनियादी अधिकारों की लड़ाई

कुमार कृष्णन बिहार के वैशाली में एक सेप्टिक टैंक के भीतर एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गयी। छत्तीसगढ़ के रायपुर में

डराने-धमकाने की प्रशासनिक कार्यशैली लोकतांत्रिक शैली के लिए बेहद खतरनाक

धीतेन्द्र कुमार शर्मा राष्ट्रीय कार्यक्रमों में तैनात कार्मिकों को धमकाना शायद हमारे प्रशासनिक तंत्र की फितरत ही बन गई है। कुछ माह पहले राजस्थान समेत

वामपंथ/ कॉकरोच जनता पार्टी : जनअसंतोष, व्यंग्य और विकल्पहीनता की राजनीति

गायत्री भारद्वाज  सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत द्वारा बेरोज़गार युवाओं के लिए कथित तौर पर “कॉकरोच” शब्द के प्रयोग के बाद देशभर में

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