भारत : अंतर धार्मिक संवाद का देश, जहां समय-समय पर पांथिक विमर्श भी जरूरी

गौतम चौधरी भारत जैसे देश में धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि लोगों की स्मृतियों, संस्कारों, त्योहारों, जीवन पद्धति और जीवन-दृष्टि का हिस्सा है। यहाँ एक

अलनीनो से प्रभावित होने के बाद भारत के पास क्या इंतजाम?

सौरभ वार्ष्णेय दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के बीच अलनीनो एक बार फिर भारत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा

“मिर्ज़ापुर भइल गुलज़ार …. ” – एक कजरी में छिपी सांस्कृतिक विरासत, विरह, गिरमिटिया संघर्ष और सभ्यता की उदासी

गौतम चौधरी भारतीय लोकजीवन में कुछ गीत ऐसे होते हैं जो केवल गाए नहीं जाते, बल्कि पीढ़ियों तक एक समाज की स्मृति बनकर जीवित रहते

राफेल की डील : आधुनिक दौर में बदल रही भारतीय रक्षा नीति का स्वरूप

गौतम चौधरी भारत और फ्रांस के बीच प्रस्तावित 114 राफेल लड़ाकू विमानों की डील केवल एक रक्षा सौदा नहीं है। यह अब उस बड़े प्रश्न

रहस्य-रोमांच/ क्या सच-मुच हमारी इस आधुनिक सभ्यता के बीच आ चुके हैं एलियंस?

उमेश कुमार साहू ​ष्या तो हम इस असीम ब्रह्मांड में बिल्कुल अकेले हैं, या फिर हमारे अलावा भी कोई और है… ‘दोनों ही परिस्थितियां दिल

पश्चिम एशिया का संकट : सैन्य उपप्रमुख की चेतावनी, “हार्ड पावर” की वापसी और भारत की दुविधा

गौतम चौधरी दुनिया एक बार फिर ऐसे मोड़ पर आकर खड़ी हो गयी है जहाँ कूटनीति की भाषा के समानांतर सैन्य शक्ति की विकृत और

प्रतिपक्षी नेता राहुल गांधी की चेतावनी को हल्के में नहीं लेना चाहिए

गौतम चौधरी भारत की राजनीति में अक्सर सबसे कठिन काम तथ्यों और भय के बीच की रेखा पहचानना होता है। अकसर यहां वही नेता सफल

झारखंड की सलाखों के पीछे का सच, अब कारागार में भी महिला सुरक्षित नहीं

अशोक कुमार झा झारखंड की राजधानी रांची स्थित होटवार जेल इन दिनों केवल एक जेल नहीं बल्कि पूरे राज्य की प्रशासनिक संवेदनहीनता, राजनीतिक टकराव, मानवाधिकार

हो ची मिन्ह : मुक्ति के नायक और साम्राज्यवादी शक्तियों के खिलाफ राष्ट्रवादी संघर्ष के प्रतीक

गौतम चौधरी बीसवीं सदी का इतिहास ऐसे व्यक्तित्वों से भरा पड़ा है जिन्होंने अपने देशों की चित्र और नियति दोनों बदल दी। कुछ नेता केवल

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