गौतम चौधरी झारखंड में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने
Category: Views
भारतीय भाषाओं में रामायण, एक आलोचनात्मक मिमांसा
डॉ. नीरज भारद्वाज हमारे शास्त्रों, ग्रंथों में विद्वानों, आचार्यों आदि ने साहित्य की महिमा का वर्णन लिखते हुए कहा है कि वही साहित्य श्रेष्ठ है
पूर्वोत्तर : मणिपुर में फिर बंद हुए स्कूल, गंभीर व भयंकर संकट की ओर बढ़ता एक शांत प्रदेश
अक्षपाद् गौतम विगत लंबे समय से एक शांत प्रदेश जातीय हिंसा से जूझ रहा है। एक बार फिर स्थानीय सरकार ने प्रदेश के सभी शैक्षणिक
मेलोनी से आगे : ‘मेलोडी’ कूटनीति और भारतीय राजनीति का दोहरा चरित्र
अक्षपाद् गौतम जॉर्जिया मेलोनी को लेकर भारतीय राजनीति और सोशल मीडिया में इन दिनों जिस तरह की बहस दिखाई दे रही है, उसमें एक अजीब-सा
असहमति पर बार काउंसिल का डंडा : भारत के लोकतांत्रिक ढ़ंचे पर प्रहार तो नहीं?
गौतम चौधरी लोकतंत्र की ताकत इस बात में नहीं कि उसके नागरिक सत्ता और संवैधानिक संस्थाओं से कितनी सहमति रखते हैं, लोकतंत्र की असली ताकत,
नदियों की अमर प्रेमकथा : घने जंगल और पहाड़ों में आज भी कोयल-कारो की विरह वेदना सुनाई देती है
गौतम चौधरी (4) JANLEKH – YouTube झारखंड की धरती पर नदियां केवल जल प्रवाहित नहीं करती। वह यहां की स्मृतियों, संघर्षों, आजीविका और लोकविश्वासों का
‘मुसाफिर कैफे’ की ‘सुधा’, वेदिका पिंटो
(2) झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट असोसिएशन चुनाव। जरनल सेक्रेटरी पद के उम्मीदवार बिनोद सिंह से ख़ास बातचीत। – YouTube सुभाष शिरढोनकर 24 जुलाई 2026 को नेटफ्लिक्स
मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा का सवाल…?
प्रभुनाथ शुक्ल पत्रकारिता और बदलते दौर का सच एक आम विमर्श का मुद्दा बन गया है। अमूमन यह देखा जा रहा है कि आमतौर पर
विकास का दूसरा चेहरा, उखड़ते हाईवे और एक्सप्रेस-वे
ज्ञान चंद पाटनी देश में जिस तेजी से सड़कें, पुल, फ्लाईओवर और दूसरे सार्वजनिक ढांचे खड़े किए जा रहे हैं, उससे विकास की चमकीली तस्वीर
मक्का समझौता : नया ‘इस्लामिक नाटो’ या पश्चिम एशिया की बदलती सुरक्षा व्यवस्था?
गौतम चौधरी पश्चिम एशिया में 7 अगस्त को हुआ मक्का समझौता पहली नजर में तीन देशों-सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान, के बीच हुआ एक रक्षा
