भारत : दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र या फिर सबसे बड़ा निर्वाचनी अधिनायकवाद?

गौतम चौधरी भारत लंबे समय से स्वयं को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में प्रस्तुत करता रहा है। यह दावा केवल उसकी जनसंख्या

जंगल में बिखरी दवाइयाँ : क्या गरीबों की जिंदगी और जनता के टैक्स के पैसे की कोई कीमत नहीं?

अशोक कुमार झा झारखंड के लातेहार जिले के मनिका क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने न केवल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न

मूल्य पारदर्शिता से ही महंगाई पर लगेगी लगाम, केवल पैक साइज नहीं, एक्स-फैक्ट्री प्राइस भी अंकित हो

पंकज जायसवाल केंद्र सरकार द्वारा खाद्य तेलों की पैकेजिंग में पुनः मानक पैक साइज लागू करने की दिशा में उठाया गया कदम उपभोक्ता हित में

फैंस का दिल लूटने में माहिर हैं दिशा पटानी

सुभाष शिरढोनकर एक्‍ट्रेस दिशा पटानी, शाहरूख खान के बेटे आर्यन व्‍दारा डायरेक्‍ट वेव सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ (2025) के कैमियो अपीरियंस में अपनी उपस्थिति

अल नीनो ने रोकी प्रवासी परिन्दों की उड़ान

राजेश खण्डेलवाल राजस्थान सहित पूरा उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में है, वहीं सामान्यतरू अप्रेल तक अपने प्रजनन स्थलों के लिए लौटने वाले प्रवासी

हिमालय पर कालिख और पिघलते ग्लेशियर

जयसिंह रावत वैश्विक मंचों पर जब भी जलवायु परिवर्तन की गंभीर चिंताएं जताई जाती हैं तो हमारा ध्यान अक्सर औद्योगिक देशों और ग्रीनहाउस गैसों के

अभिजीत दीपके : सत्ता के खिलाफ उठ रहे आक्रोश के प्रतीक या फिर राजनीतिक सेफ्टी वाल्व?

गौतम चौधरी 6 जून को अभिजीत दीपके की भारत वापसी और दिल्ली के जंतर-मंतर पर उनकी उपस्थिति को उनके समर्थकों ने एक ऐतिहासिक राजनीतिक क्षण

वह इथिपियाई गुलाम जो न केवल दक्कन में स्वदेशी शासन की नीब रखाी अपितु मराठा सल्तनक का बुनियाद भी बना

गौतम चौधरी भारतीय इतिहास में कुछ ऐसे व्यक्तित्व हैं जिनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होने के बावजूद उन्हें वह स्थान नहीं मिला, जिसके वे वास्तवक हकदार

AI का सुनहरा सब्जवाग, टेक कंपनियों की रणनीति और भारतीय युवाओं में बेचौनी

गौतम चौधरी कभी भारतीय आईटी उद्योग को देश के उभरते मध्यम वर्ग का सबसे बड़ा निर्माता कहा जाता था। इंजीनियरिंग कॉलेजों से निकलने वाले लाखों

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