گوتم چودھری عصری دنیا میں جب بھی خواتین کے حقوق، تعلیم یا سیاسی شراکت داری پر بحث ہوتی ہے، تو اکثر یہ تصور سامنے آتا
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दक्षिणपंथ/ ‘गनतंत्र’ के बाद ‘गणतंत्र’: वामपंथ का सर्वविधिक पतन
राकेश सैन पांच राज्यों के चुनाव परिणामों के बाद एक चुटुकला सुनने को मिला कि एक व्यक्ति ने अपने मित्र से कहा केरल में भी
दक्षिणपंथ/ संघ का लक्ष्य परमवैभवशाली भारत की स्थापना
डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय संघ का उद्देश्य “परम वैभवशाली भारत की स्थापना है।” संघ का संकल्प आगामी वर्षों में “संगठित हिंदू समाज” को “और ज्यादा” मजबूत
केरलम : भारतीय लोकतंत्र का सबसे जटिल और जीवित प्रयोग
गौतम चौधरी भारतीय राजनीति के विशाल परिदृश्य में केरलम अपवाद है। यह वह प्रदेश है जहाँ राजनीति केवल चुनावी प्रबंधन, धार्मिक ध्रुवीकरण या व्यक्तिपूजा तक
धधकती धूणी, तपते संत और बड़ा सवाल : क्या विकास का यही मॉडल है?
बाबूलाल नागा राजस्थान की तपती धरती पर इन दिनों एक ऐसी आग जल रही है, जो केवल धूणी की आग नहीं है। यह आग आस्था,
NEET विवाद : 22.7 लाख विद्यार्थियों का भविष्य और प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था पर गहराता भरोसे का संकट
गौतम चौधरी भारत में डॉक्टर बनना केवल एक पेशा नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों के सपनों, संघर्षों और सामाजिक आकांक्षाओं का प्रतीक माना जाता है। एक
विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट : आर्थिक संकट की चेतावनी या फिर सामान्य उतार-चढ़ाव?
गौतम चौधरी भारत का विदेशी मुद्रा भंडार एक बार फिर राष्ट्रीय आर्थिक बहस के केंद्र में आ गया है। हालिया आँकड़ों में विदेशी मुद्रा भंडार
टैगोर को महज एक महान कवि के रूप में देखना उनके व्यक्तित्व का सतही मूल्यांकण होगा
बिरेन्द्र बांगरू रविन्द्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्हें केवल एक साहित्यिक महानायक या नोबेल पुरस्कार विजेता के रूप में स्मरण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि
नामांकन के बहाने सरकारी स्कूलों को बंद करने की कवायद : एक नीतिगत मामला
सरदूल सिंह नया सत्र शुरू होते ही सरकारी स्कूलों में घटते नामांकन और उनके बंद होने या अन्य स्कूलों में विलय करने की खबरें आम
भारत में कौशल का संकट और ITI व्यवस्था की सच्चाई
गौतम चौधरी भारत लंबे समय से अपनी युवा आबादी को “डेमोग्राफिक डिविडेंड” के रूप में प्रस्तुत करता रहा है। यह दावा किया जाता है कि
