By Gautam Choudhary The month of March is usually considered the onset of summer in India. However, this year, the way weather patterns have shifted
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मौसम : बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत में हो रही बारिश व मौसम में त्वरित बदलाव के पीछे है पश्चिमी विक्षोभ
गौतम चौधरी मार्च का महीना आमतौर पर गर्मी की दस्तक का समय माना जाता है, लेकिन इस वर्ष रांची सहित पूरे झारखंड और पूर्वी भारत
सोना केवल आभूषण नहीं है, इसका ब्रह्मांड के रहस्यों से है गहरा संबंध
गौतम चौधरी जब हम अपनी उंगली में चमकती सोने की अंगूठी को देखते हैं, या फिर अपने प्रेयषी, पत्नी, बहन, बेटी या फिर मां के
चंबल : एक शापित नदी, जिसका अपना इतिहास भी है और भूगोल भी
गौतम चौधरी भारत की नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं होतीं-वे स्मृतियों, आस्थाओं और कहानियों की वाहक होती हैं। उसका न केवल इतिहास होता है बल्कि भूगोल
Tribal Identity vs. Religious Conversion : A Balanced Judicial Intervention
By Gautam Chaudhary India’s tribal identity is not merely a social construct but a living cultural tradition rooted in nature, community life, and spiritual values.
SC का ऐतिहासिक निर्णय : आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में ग्राम सभा सर्वोच्च, धर्मांतरण किसी रूप में स्वीकार नहीं
गौतम चौधरी भारत की जनजातीय पहचान केवल सामाजिक ढांचे का हिस्सा नहीं, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक परंपरा है, जो प्रकृति, सामुदायिक जीवन और आध्यात्मिक मूल्यों
आस्था और साम्प्रदायिक सौहार्द के बीच संतुलन बिठाना है तो संविधान के प्रति अटूट श्रद्धा जरूरी
गौतम चौधरी भारत विविधताओं का देश है-यहाँ धर्म, भाषा, जाति और संस्कृतियों की असंख्य धाराएँ एक साथ प्रवाहित होती हैं। इस बहुलता को बनाए रखना
तो क्या बिहार व पश्चिम बंगाल का नक्शा भी बदलने की योजना में है केन्द्र सरकार?
गौतम चौधरी विगत दिनों समाचार माध्यमों में अचानक से एक खबर आयी कि केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह बिहार के सीमांचल यानी किसनगंज, पूर्णिया, अरड़िया आदि
इस्लाम-पूर्व अरब की मूर्ति पूजा और अल्लाह के अलावा तीन देवियाँ
गौतम चौधरी ईरान बनाम इजरायल-अमेरिका युद्ध के बहाने हम थोड़ी चर्चा अरब के इतिहास पर कर लेते हैं। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि इस्लाम
ईरान युद्ध : आज कहां खड़े हैं प्रथम चरण में इज़रायल को मान्यता देने वाले मुस्लिम देश
गौतम चौधरी मध्य पूर्व की राजनीति में इज़रायल का सवाल लंबे समय से सबसे संवेदनशील और जटिल मुद्दों में से एक रहा है। 1948 में
