संसार में सभ्यता और संस्कृति के संस्थापक भगवान आदिनाथ

संदीप सृजन जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ, जिन्हें ऋषभनाथ, ऋषभदेव या आदिनाथ के नाम से जाना जाता है, उन्होंने न केवल आध्यात्मिक मार्ग

भारतीय राष्ट्रबोध की अवधारणा एवं उसका प्रस्फुटन

डॉ. बालमुकुंद पांडेय राष्ट्र एक सांस्कृतिक संकल्पना है। राज्य ही राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का मुख्य भाग होता हैं । राजनीतिक एकता उसके अस्तित्व की

बिहार में अपनी पुरानी खोई हुई जमीन तलाश रही है कांग्रेस

कुमार कृष्णन बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में कांग्रेस के प्रयोग अपने ही गठबंधन के साथियों के लिए उनकी ही चुनौतियों को बढ़ाते जा

भारत में हर 4 मिनट में होती है सड़क पर एक मौत

जयसिंह रावत जीवन के सबसे बड़े सत्य का नाम मृत्यु है जिसे कोई नहीं रोक सकता। यह ऐसा सत्य है जिसकी कल्पना मात्र से मरने

बेहद खतरनाक है इस्लामिक धार्मिक ग्रंथों की गलत व्याख्या, ऑनलाइन शिक्षाओं पर नजर रखें उलेमा

गौतम चौधरी हम ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ सूचनाएँ पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ गति से फैलती है। डिजिटल क्रांति ने धार्मिक ज्ञान

ट्रंप की समस्याएं आखिर दुनिया भर की समस्या कैसे बन गई

आकार पटेल कुछ ऐसी हैं जिन्हें मानवता ने ही मिलजुलकर पैदा की हैं और उन्हें मिलकर ही सुलझाना होगा। कुछ समस्याएं स्थानीय स्तर पर पैदा

जानिए इस बार के केन्द्रीय बजट में अल्पसंख्यकों को क्या दिया

डॉ. रूबी खान केन्द्र सरकार की ओर से जारी इस बार के केन्द्रीय बजट को अल्पसंख्यक समुदाय के लिए बेहद खास माना जा रहा है।

केरल उच्च न्यायालय का POCSO के मामलों में ‘रगड़-स्पर्श-स्खलन’ पर फैसला बेहद महत्वपूर्ण

रामस्वरूप रावतसरे केरल हाई कोर्ट ने हाल ही में पीओसीएसओ एक्ट के एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पीड़िता के बाहरी जननांग (लेबिया

अदभुत परंपरा/ उत्तराखंड के इन गांवों में नहीं मनाई जाती है होली

डॉ. गोपाल नारसन देवभूमि उत्तराखंड में यूं तो होली का रंग खूब जमता है।यहां की प्रसिद्ध बैठी होली बसंत पंचमी के बाद से ही मनानी

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