रांची सांप्रदायिक हिंसा : डेली मार्केट थाना में 8 संदिग्ध लोगों से पूछताछ, एक आरोपी गया जेल

रांची सांप्रदायिक हिंसा : डेली मार्केट थाना में 8 संदिग्ध लोगों से पूछताछ, एक आरोपी गया जेल

गौतम चौधरी की खास रपट

रांची/ शुक्रवार (10 जून) को जुम्मे की नमाज के बाद रांची में हुए हिंसा मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों को हिरासत में लिया है। एक आरोपी को पुलिस जेल भेज चुकी है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

पुलिस ने डोरंडा, लोअर बाजार, हिंदपीढ़ी और डेली मार्केट थाना क्षेत्र से 8 संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है। सभी आरोपी से भीड़ में शामिल व्यक्तियों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है और इस बात की भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है कि किन लोगों के इशारे पर मेन रोड में हंगामा शुरू किया गया था। यही भी पता लगाया जा रहा है कि कहां-कहां उपद्रवियों के साथ बैठक कर घटना को अंजाम देने के लिए प्लान तैयार किया गया था।

लोअर बाजार थाने की पुलिस ने सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेज दिया। जेल भेजे गए आरोपी का नाम मो. अनीश है और वह सुखदेवनगर थाना क्षेत्र स्थित पहाड़ी टोला का रहने वाला है।

इधर पुलिस को मिले इनपुट के अनुसार दंगा करने वाले सभी बाहरी थे। खुफिया स्रोतों से पुलिस को जानकारी मिली है कि रांची में मेन रोड की अधिकतर दुकानें बंद थी। दूसरी बात यह है कि इकरा मस्जिद से प्रदर्शनकारी हिंसक नहीं हुए थे। वे जब डेली मार्केट के पास पहुंचे तो एकाएक हिंसक हो गए। सूत्रों से मिली खबर में बताया गया है कि डेली मार्केट के पास पहले से कुछ उपद्रवी तत्व हिंसक हथियार, पत्थर आदि के साथ जमा हो रखे थे। जैसे ही प्रदर्शनकारी डेली मार्केट के पास पहुंचे उपद्रवी प्रदर्शन का हिस्सा बन गए और एक धर्म विशेष के पूजा स्थल पर को निशाना बनाने लगे। जब पुलिस ने बीच-बचाव किया तो पुलिस पर न केवल पत्थरबाजी की अपितु 80 से अधिक चक्र गोलियां भी चलाई।

हालांकि प्रदर्शनकारी पक्ष का कहना है कि एक धर्म विशेष के पुजास्थल के गोली चली लेकिन पुलिस इस बात का खंडन कर रही है। पुलिस ने यह भी कहा है कि मामले की जांच चल रही है। उपद्रव में जो भी शामिल होंगे उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।

इधर सोशल मीडिया पर कई प्रकार की संपादित वीडियो चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से एक बार फिर रांची का माहौल खराब करने की कोशिश की जा रहा है। एक संप्रदाय विशेष के लोग संपादित वीडियो को न केवल विभिन्न सोशल माध्यमों पर साझा कर रहे हैं अपितु अपने जानने वालों को भी भेज रहे हैं। इस मामले पर पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों पर पुलिस की गहरी नजर है। यदि किसी प्रकार की कोई समस्या हुई तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रांची के उपद्रव के बारे में जो बातें छन कर सामने आयी है उसमें उत्तर प्रदेश से लेकर दक्षिण भारत का कनेक्शन सामने आ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों को इस बात का भी पता चला है कि आज से तकरीवन दो महीने पहले, यानी हिजाब कांड के आसपास रांची के अंजुमन और इकरा मस्जिद में कुछ दक्षिण भारतीय लोग आए थे और बैठक की गयी थी। इसी प्रकार की बैठक बरियातु के मस्जिद में भी की गयी थी। इसके बाद सहारनपुर के कुछ नौजवान रांची आए और उन्होंने भी बैठक कर माहौल को खराब करने की कोशिश की थी लेकिन इन तमाम बैठकों को स्थानीय इमामो व मस्जिदों का समर्थन नहीं मिला। इसके बाद इन लोगों ने उपद्रव कर रांची के माहौल को खराब करने की कोशिश की।

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