नीतू गुप्ता
जासूस का नाम सुनते ही हमारी आंखों के सामने एक लंबा काला कोट और हैट पहने व्यक्ति की तस्वीर घूम जाती है। हमने जासूसों को फिल्मों में देखा है जैसे, “डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी” में सुशांत सिंह राजपूत, जो आज हमारे बीच नहीं रहे, ने बेहद खूबसूरती के साथ डिटेक्टव का किरदार निभाया था। “द बकिंघम मर्डर्स” में करीना कपूर ने एक ब्रिटिश-भारतीय पुलिस जासूस की भूमिका निभाई थी। ऐसी ही बहुत सारी और भी फिल्में हैं, जिनमें हमने जासूस को काम करते देखा है।
जासूस शब्द में अपने आप ही एक रोमांच है। बहुत सारे लोग ऐसे हैं, खासकर युवा, जो जासूसों की दुनिया को गहराई से जानना चाहते हैं। सिर्फ फिल्मों के जरिए नहीं, बल्कि असल ज़िंदगी में भी। लोगों की इसी उत्सुक्ता को ध्यान में रखते हुए, डिटेक्टिव गुरू, राहुल राय गुप्ता एक किताब, वेबिनार और कोर्स लेकर आए हैं। पेश हैं उनके साथ हुई बातचीत के कुछ अंश : –
आपने जो किताब लिखी है, How To Become A Detective, उसका ख्याल कहां से आया?
लोग जासूसी की दुनिया को करीब से देखना चाहते हैं। मैं जब भी कहीं जाता हूं, तो लोगों के ढेरों सवाल होते हैं क्योंकि जासूसी शब्द ही उन्हें रोमांचक लगता है। मेरे डिटेक्टिव के 27 साल के सफर में मुझे अनेक ऐसे लोग मिले, जिन्होंने मुझसे कहा कि वो भी जासूसी की दुनिया का हिस्सा बनना चाहते हैं। वो भी चाहते हैं कि इसमें अपना करियर बनाएं लेकिन उनको पता ही नहीं कि ये सब कैसे करना है। उन सवालों ने मेरे अंदर एक जंग-सी छेड़ दी कि मुझे उनके लिए कुछ करना चाहिए। इसी का नतीजा है, ये किताब।
क्या उस किताब को पढ़कर कोई सच में जासूस बन सकता है?
मैंने इस किताब में जो सब चीजें लिखी हैं, वो किसी को जासूस बनाने के लिए काफी हैं। अगर कोई उस किताब को अच्छे-से, मन लगाकर पढ़ेगा, तो जरूर बन सकता है।
फिर आपने वेबिनार और कोर्स क्यों बनाया है?
वो इसलिए क्योंकि लोग किताब को पढ़कर जल्दी भूल जाते हैं। बहुत कम लोग हैं, जो किसी किताब को दुबारा पढ़ते हैं। ये किताब सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं है, बल्कि बार-बार पढ़ने के लिए है। उसमें नोट्स बनाकर उससे सीखने के लिए है। लेकिन जरूरी नहीं कि सब लोग ऐसा करें। इसलिए मैंने वेबिनार और कोर्स तैयार किया है ताकि जो लोग सच में जासूसी में अपना करियर बनाना चाहते हैं, इसके प्रति गंभीर हैं, उनको पूरा मार्गदर्शन मिल सके। वेबिनार की फीस इतनी कम रखी है कि कोई भी इसे कर सकता है। मैं चाहता हूं कि ज्यादा से ज्यादा युवा इसका लाभ उठा सकें।
कोर्स में ऐसा क्या है, जो युवाओं को जासूस बनने में मदद करेगा?
कोर्स में जासूसी के काम के बारीकियां हैं। एक व्यक्ति को जासूस बनने के लिए किन-किन चरणों से गुजरना पड़ता है, मैंने वो सब इसमें शामिल किया है। चूंकि अपने करियर की शुरूआत में मैंने सालों फील्ड में काम किया है, इसलिए मुझे पता है कि जब कोई इन्वेस्टीगेटर फील्ड में काम करने जाता है, उसको किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उसके लिए क्या-क्या चुनौतियां आती हैं। उन चुनौतियों से उसे कैसे निपटना है। क्लाइंट की गोपनीयता कैसे बनाए रखनी है, ये सब चीजें कोर्स में गहराई से सिखाई गई हैं ताकि जब कोई भी व्यक्ति जासूसी के पेशे में अपने कदम रखे, तो उसे पता हो कि ये पेशा उससे क्या अपेक्षाएं रखता है।
युवाओं के लिए जासूसी के क्षेत्र में कितनी संभावनाएं हैं?
अपार संभावनाएं हैं। जासूसी का क्षेत्र ऐसा है, जो दिन-ब-दिन विस्तृत होता जा रहा है। कुछ सालों पहले तक लोग जासूसों को केवल फिल्मों के जरिए ही जानते थे लेकिन आज ऐसा नहीं है। आज लोग हमें हायर कर रहे हैं। हमारे जरिए अपने जीवन की मुश्किलें सुलझा रहे हैं।इसलिए इस क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं।
तो आपके कोर्स के बाद वो किस तरह के केसेज पर काम कर सकते हैं?
मैं इसे एक उदाहरण से समझाता हूं। जैसे हमारे पास शादी के बाद के विवादों से जुड़े बहुत सारे केस आते हैं। आजकल शादियों में कितनी समस्याएं हैं, वो किसी से छिपा नहीं है। लेकिन अफसोस की बात ये है कि लोग हमारे पास शादी के बाद आते हैं। अगर वो शादी से पहले आएं, तो शायद उनको शादी के बाद न आना पड़े। मेरा कहने का मतलब है कि, हमारे देश में हर साल लाखों शादियां होती हैं। तो अगर शादी से पहले की जांच-पड़ताल के केस ही लें, तो इसका बहुत बड़ा दायरा है। इस समय शादियों का जो हाल है, उसे देखते हुए हमारा काम काफी बढ़ने वाला है। तो जो युवा इस कोर्स को करेंगे, वो हमारे पास इंटर्नशिप के लिए आ सकते हैं।
आपने इंटर्नशिप की बात की, इसमें युवा कैसे प्रवेश कर सकते हैं?
जो लोग हमारा कोर्स करेंगे, उनको हमारे पास इंटर्नशिप का मौका मिल सकता है। मतलब, कोर्स करने वाले लोगों में से जो मेहनती होगा, हमें लगेगा कि वो इस काबिल है कि इंटर्न बन सकता है, उसे जरूर मौका दिया जाएगा। बस शर्त यही है कि वो पूरे मन से इस फील्ड में आना चाहता हो क्योंकि ये फील्ड बहुत सारी चुनौतियों से भरा है, जिनको झेलना हर किसी के बस की बात नहीं है। सिर्फ गंभीर लोग ही इसमें प्रवेश कर सकते हैं।
जो युवा आपकी तरह जासूस बनना चाहते हैं, उनको क्या संदेश देना चाहेंगे?
अगर आप जासूसी के फील्ड में आना चाहते हैं तो पहले अपने मन को केंद्रित करना होगा क्योंकि उसके बिना आप इस फील्ड में टिक ही नहीं सकते। मेहनत करने के लिए तैयार रहें। इस फील्ड में अनगिनत चुनौतियां आती हैं, जिसके लिए आपको पहले से तैयार रहना होगा। बाकी रही बात सीखने की, तो उसके लिए मैं मौजूद हूं। जमकर मेहनत करें, आप भी एक दिन जासूस जरूर बनेंगे।
