ग्लोबल साउथ के प्रवासी समुदायों को विकास और निवेश से जोड़ने की पहल

ग्लोबल साउथ के प्रवासी समुदायों को विकास और निवेश से जोड़ने की पहल

रांची/ ग्लोबल साउथ के प्रवासी समुदायों को विकास, निवेश और मानव संसाधन के क्षेत्र में अधिक संगठित भूमिका देने की दिशा में एक नई अंतरराष्ट्रीय पहल सामने आई है। Global South Diaspora Foundation (GSDF) की ओर से 25 सितंबर 2026 को पहली हाई-लेवल वर्चुअल वर्ल्ड प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का आयोजन AASGON और Global South Economic Forum (GSEF) की ओर से किया जा रहा है।

आयोजकों की ओर से जारी निमंत्रण के अनुसार सम्मेलन में GSDF के विजन और रणनीतिक कार्यक्षेत्र को प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही Global South Diaspora Investment Facility (GSDIF) और Global South Human Resources Development Centre (GSHRDC) की रूपरेखा सामने रखी जाएगी। सम्मेलन में GS-IDF Capitalisation Prospectus भी प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है। इन सभी पहलों को व्यापक रूप से प्रस्तावित Global South Sustainable Development Council (GSSDC) के संस्थागत ढांचे से जोड़कर देखा जा रहा है।

प्रवासी समुदाय की पूंजी और विशेषज्ञता पर जोर

आयोजकों के अनुसार इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य ग्लोबल साउथ के प्रवासी समुदायों की आर्थिक पूंजी, पेशेवर विशेषज्ञता और मानव संसाधन को विकास की प्रक्रियाओं से जोड़ना है। निवेश सुविधा के माध्यम से प्रवासी पूंजी को विकास परियोजनाओं से जोड़ने तथा मानव संसाधन विकास केंद्र के माध्यम से विशेषज्ञता और क्षमता निर्माण पर काम करने की परिकल्पना की गई है।

AASGON और GSEF की ओर से हाल में जारी एक सार्वजनिक वक्तव्य में भी GS-IDF को दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए एक व्यापक संस्थागत ढांचे के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उसमें प्रवासी पूंजी, शोध एवं नवाचार, खाद्य प्रणाली, जलवायु अनुकूलन, ऊर्जा संक्रमण और युवा नेतृत्व जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता वाले विषयों में शामिल किया गया है।

राजनयिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी

निमंत्रण पत्र के अनुसार सम्मेलन की अध्यक्षता होंडुरास के राजदूत और यूनाइटेड किंगडम में डीन ऑफ द डिप्लोमैटिक कॉर्प्स एंबेसडर इवान रोमेरो-मार्टिनेज करेंगे। मुख्य वक्ताओं में ब्रिटेन के Institute of Management Services के अध्यक्ष प्रोफेसर कॉलिन कूल्सन-थॉमस का नाम भी दिया गया है।

कार्यक्रम में सरकारों, राजनयिक मिशनों, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, विकास संगठनों, कारोबारी एवं पेशेवर संस्थाओं, शिक्षाविदों, मीडिया तथा ग्लोबल साउथ के प्रवासी समुदायों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।

25 सितंबर को होगा ऑनलाइन आयोजन

GSDF की पहली हाई-लेवल वर्चुअल वर्ल्ड प्रेस कॉन्फ्रेंस 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को दोपहर 3 बजे ब्रिटिश समर टाइम (BST) पर होगी। भारतीय समयानुसार यह कार्यक्रम शाम 7:30 बजे शुरू होगा। सम्मेलन Zoom के माध्यम से आयोजित किया जाएगा।

आयोजकों ने पत्रकारों तथा मीडिया संस्थानों से व्यक्तिगत रूप से भाग लेने का अनुरोध किया है। व्यक्तिगत भागीदारी संभव नहीं होने की स्थिति में किसी वरिष्ठ प्रतिनिधि को संस्था की ओर से सम्मेलन में भेजने का आग्रह किया गया है।

ग्लोबल साउथ के देशों के बीच दक्षिण-दक्षिण सहयोग को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से विभिन्न पहलें चल रही हैं। भारत भी इस विमर्श में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। विदेश मंत्रालय के अधीन सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस की ओर से भी ग्लोबल साउथ के युवा राजनयिकों के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। फरवरी 2026 में आयोजित चौथे Global South Young Diplomats Forum में 41 देशों के 42 राजनयिकों ने हिस्सा लिया था।

GSDF की प्रस्तावित पहल इस व्यापक दक्षिण-दक्षिण सहयोग के विमर्श में प्रवासी समुदायों की पूंजी, विशेषज्ञता और संस्थागत भागीदारी को जोड़ने की कोशिश के रूप में सामने आ रही है। हालांकि इसके प्रस्तावित निवेश ढांचे, वित्तीय व्यवस्था और संस्थागत संचालन की विस्तृत जानकारी 25 सितंबर के सम्मेलन में सामने आने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »