कमला जोशी सन् 1765 में बंगाल में भयंकर अकाल पड़ा था। लोग भूख-प्यासे के मारे दम तोड़ रहे थे। सभी बदहवास जैसे तैसे पेट की
Category: History & Archeology
शौर्य, पराक्रम व बलिदान की जीवंत भूमि है उदयपुर
विनोद बब्बर गत वर्ष साहित्य मंडल के कार्यक्रम में श्रीनाथद्वारा जाने का अवसर मिला। भगवान श्रीनाथजी के पाटोत्सव के अवसर पर आयोजित इस द्विवसीय समारोह
ब्रितानी व ईसाई साम्राज्यवाद के खिलाफ युद्ध के आदिवासी महानायक बिरसा मुंडा
अविनेश कुमार सिंह धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा भारत माता के युवा देशभक्त झारखंड के वनवासी वीर का जन्म 15 नवंबर सन 1875 को रांची
साझी विरासत और सूफियाना संस्कृति का केन्द्र रहा है मनेर शरीफ
राधाकान्त भारती बिहारी की राजधानी पटना के दक्षिण-पश्चिम में मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर बसा ऐसा स्थान है, जहां किसी जमाने में इस्लाम के
रहस्य रोमांच/ जब महाराजा अनूपसिंह की धधकती चिता में ‘मोर‘ कूदे
चेतन चौहान राजस्थान की वीर प्रसूता धरा समूचे विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान कायम कर चुकी है और यही वजह है कि विश्व के कोने-कोने
वीर सावरकर : सांस्कृतिक हिन्दू राष्ट्र के समर्थक क्रांतिकारी
अमरदीप यादव विनायक दामोदर सावरकर का जन्म 28 मई,1883 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के भगूर गांव में हुआ। इनके जीवन में लोकमान्य बाल गंगाधर
भारतीय साम्यवादी आन्दोलन का वैचारिक संकट
भाग 4 राघव शरण शर्मा लोग यह कहते रहे कि कांग्रेस पार्टी बंगाल में खत्म हो गयी है और विधानचंद्र राय का अस्तित्व समाप्त हो
23 मई को ही चीन ने तिब्बत पर किया था कब्जा, आइए जानते हैं आज का इतिहास
नयी दिल्ली/ साल के 365 दिन इतिहास में किसी न किसी घटना के साथ दर्ज हैं। साल के पांचवें महीने का 23वां दिन तिब्बत पर
भारतीय साम्यवादी आन्दोलन का वैचारिक संकट
राघव शरण शर्मा भाग 03 ऑक्सफोर्ड रिटर्न होने पर भी बंगाल की धरती पर ज्योति बसु ने आंदोलनों का नेतृत्व किया। बसु, संयुक्त मोर्चे की
भारतीय साम्यवादी आन्दोलन का वैचारिक संकट
भाग-02 राघव शरण शर्मा नक्सल आंदोलन का वैचारिक संकट भारत में पूरे वामपंथ का वैचारिक संकट बन गया है। ऐसा क्यों हो गया है? इसकी
