बिहार-झारखंड सहित कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, प्रशासन सतर्क

बिहार-झारखंड सहित कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, प्रशासन सतर्क

नयी दिल्ली/पटना/रांची/ दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के साथ ही देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक समेत कई राज्यों में भारी वर्षा, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में मानसून की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है, जिससे कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

इधर रांची स्थित मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी एक चंतावनी में बताया है कि बोकारो, चतरा, धनबाद, गढ़वा, गिरिडीह, खूंटी, कोडरमा, पलामू और राज्य के राजधानी क्षेत्र रांची में आज शाम बारिश होगी। इसके साथ ही 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से हवा चलेगी। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी चेतावनी जारी की गयी है।

आईएमडी के अनुसार बिहार में 25 से 29 जून के बीच कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने तथा खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।

मौसम विभाग का कहना है कि मानसून अब बिहार, झारखंड, ओडिशा और मध्य भारत के बड़े हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से मानसून की प्रगति धीमी पड़ गई थी, लेकिन अब इसके पुनः सक्रिय होने से वर्षा की गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।

ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। कुछ क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

पश्चिमी भारत में महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मानसून ने जोर पकड़ लिया है। मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी वर्षा दर्ज की गई है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके बाद आईएमडी ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी ताजा सूचनाओं पर नजर रखने की अपील की है।

कर्नाटक और तेलंगाना में भी अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश की संभावना है। विशेष रूप से तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा से भूस्खलन तथा सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

उधर, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, राजस्थान और उत्तर भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश तथा तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ उखड़ने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता कृषि क्षेत्र के लिए राहत लेकर आएगी। खरीफ फसलों की बुआई को गति मिलेगी और भीषण गर्मी से जूझ रहे कई राज्यों को राहत मिलेगी। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में बाढ़ और फसल क्षति का खतरा भी बना रहेगा।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। आने वाले कुछ दिन देश के अनेक हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

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