किसी भी समावेशी समाज या सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रशिक्षित व प्रबुद्ध युवाओं का नेतृत्व बेहद जरूरी

गौतम चौधरी किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसके युवाओं के हाथों में होता है। युवाओं की ऊर्जा, रचनात्मकता और परिवर्तन की आकांक्षा समाज को नई

संवाद : एक बहुलवादी समाज का महत्वपूर्ण स्तंभा है

गौतम चौधरी आज की दुनिया में विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों, भाषाओं और सामाजिक पृष्ठभूमियों के लोग साथ-साथ रहते हैं। यह विविधता किसी भी समाज की शक्ति

उग्रवाद की चुनौती एवं समाधान का एक मात्र रास्ता है शांतिपूर्ण व लचीले समाज का निर्माण

गौतम चौधरी देश, समाज, राष्ट्र #उग्रवाद #चुनौती #समाधान #शांतिपूर्ण और लचीले समाज का निर्माण तेजी से बदलती दुनिया में उग्रवाद केवल एक सुरक्षा समस्या नहीं

संस्कृति और संस्कार : समाज या व्यक्ति का स्वरूप ही नहीं संसाधन व पूंजी भी है

गौतम चौधरी हमारे समय की एक बड़ी विडंबना यह है कि संस्कृति पर चर्चा तो बहुत होती है लेकिन संस्कृति को समझने का प्रयास कम

कथित सभ्य समाज और सभ्यता को आईना दिखाती एक अकेली लड़की

गौतम चौधरी आज एक ऐसी महिला की कथा आपको बताउंगा, जिसका असली नाम कोई नहीं जानता लेकिन कैथोलिक ईसाइयों ने उसे मरने से पहले उसका

‘काफिर’ शब्द की गलत व्याख्या व उपयोग किसी भी समाज की एकता के लिए खतरनाक

गौतम चौधरी  शब्दों में रिश्तों को प्रभावित करने बेहतर क्षमता होती है। यही नहीं शब्दों में लोगों की धारणा को बदलने और लोगों को एक

अजमेर कांड : समाज, राजनीति और न्यायपालिका पर बड़ा सवाल

राजेश कुमार पासी अजमेर हिंदुओं के लिए एक पवित्र शहर है क्योंकि यहां ब्रह्मा जी का पवित्र स्थल पुष्कर मंदिर है, दूसरी तरफ सूफी संत

बहुसंख्यक हिन्दू भारतीय मुस्लिम समाज की जटिलता को समझने की कोशिश करें 

गौतम चौधरी  बात अभी हाल फिलहाल की ही है। दरअसल, मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी परिसर में एक प्राध्यापक ने एक छात्र को 26/11 के कुख्यात

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