पूजा हेगड़े : हिंदी सिने जगत में हिट न होने का मलाल

सुभाष शिरढोनकर शानदार रैड कार्पेट लुक्स और दमदार एक्टिंग के लिए बेहद पॉपुलर साउथ और हिंदी सिनेमाई जगत की एक्‍ट्रेस पूजा हेगड़े अपनी बोल्डनेस और

भारत की इंजीनियरिंग शिक्षा : संकट व रोजगार का भ्रम, डिग्रियों का कारखाना या प्रतिभा का निर्माण?

गौतम चौधरी भारत स्वयं को विश्व की सबसे युवा आबादी वाला देश कहता है। हर वर्ष लाखों विद्यार्थी इंजीनियर बनने का सपना लेकर कॉलेजों में

प्रवासी भारतीयों से विदेशी मुद्रा की अपील आर्थिक मजबूती या रणनीति का हिस्सा?

गौतम चौधरी हाल ही में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रवासी भारतीयों से भारत में अधिक निवेश और विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने का आह्वान किया।

पैसरा : जहाँ एक लाख वर्ष पहले लिखी गयी भारत के इतिहास की पहली इबारत

गौतम चौधरी इतिहास केवल नगर, परकोटों, भग्नावशेषों, इमारतों, राजाओं-रानियों की कहानियां, युद्ध आदि की कथा तालिका ही नहीं होती, इतिहास उस पुरातात्विक अवशेषों की वैज्ञानिक

लाखों करोड़ बचाने का गेम प्लान, गढ़ा जा रहा स्वावलम्बी राष्ट्र का खाका

डॉ. मत्स्येन्द्र प्रभाकर भारत सरकार का ध्यान कोई 1,272 विदेशी उत्पादों के आयात को कम करने की एक श्महायोजनाश् पर जमा है। इसके जरिये लगभग

चंपावत : उत्तराखंड का वह अनमोल पर्यटन रत्न, जहाँ प्रकृति आपको बार-बार बुलाती है

डॉ. शैलेश शुक्ला विश्व भर में पर्यटन उद्योग तेजी से बदल रहा है। आधुनिक यात्री अब केवल भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों, चमकदार होटलों और कृत्रिम

खुदरा दुकानदारों के साथ वित्तीय अन्याय अंततः देश को कमजोर बनाएगा

अनिल धर्मदेश मेगामार्ट, ऑनलाइन और रिटेल के मध्य प्रमुख प्रतियोगिता उत्पादों के मूल्य की है। उपभोक्ता और खुदरा दुकानदार भी ये दावा करते हैं कि

इस मानसून धान की कौन-सी किस्म किसानों को दे सकता है बेहतर मुनाफा?

रजनी राणा चौधरी भारतीय कृषि में धान केवल एक फसल नहीं, बल्कि करोड़ों किसानों की आजीविका का आधार है। बदलते मौसम, मानसून की अनिश्चितता, मजदूरी

मानसून : देश के मौसम पर एक समग्र समीक्षा, कहीं बाढ़ का खतरा तो कहीं सूखे की मार

नयी दिल्ली/पटना/कोलकाता/रांची/ दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे देशभर में सक्रिय है लेकिन उसकी चाल इस वर्ष भी असमान बनी हुई है। जुलाई का मध्य आते-आते देश

आतंकवादी हिंसा को रोकने के लिए सबसे पहले चरमपंथ को तसल्ली से समझना होगा

गौतम चौधरी आज दुनिया जिस सबसे जटिल संकट से जूझ रही है, वह केवल आतंकवाद या हिंसा का संकट नहीं है; वह विचारों के कट्टर

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