तन्जीह बनाम तश्बीह : इस्लामी धर्मशास्त्र की दो व्याख्यात्मक परंपराएँ, इसे तसल्ली से समझना होगा
#वृतांतों_की_यात्रा/ #दरभंगा/ पार्ट 01/ #कांच की #चूड़ियां/ गौतम चौधरी ’‘लैसा कमिस्लिही शै‘उन’’: उसके समान कोई भी वस्तु नहीं है। (सूरह अश-शूरा 42ः11) इस्लाम की संपूर्ण
न्यू होराइजन्स मिशन : प्लूटो से परे मानव जिज्ञासा का अंतरिक्ष अन्वेषण
गौतम चौधरी जब मनुष्य ने पहली बार आकाश की ओर देखा होगा, तब शायद उसने…
AI के दौर में भी MBA की चमक बरकरार, नियोक्ताओं का भरोसा कायम
नयी दिल्ली/ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच यह आशंका लगातार…
नवाचार के आयाम और औजार के रूप में विकसित हो रहा है ड्रोन तकनीक
सचिन त्रिपाठी साल 2020 के बाद भारत में जिस तकनीक ने सबसे तेजी से अपनी…
AI का सुनहरा सब्जवाग, टेक कंपनियों की रणनीति और भारतीय युवाओं में बेचौनी
गौतम चौधरी कभी भारतीय आईटी उद्योग को देश के उभरते मध्यम वर्ग का सबसे बड़ा…
रहस्य-रोमांच/ क्या सच-मुच हमारी इस आधुनिक सभ्यता के बीच आ चुके हैं एलियंस?
उमेश कुमार साहू ष्या तो हम इस असीम ब्रह्मांड में बिल्कुल अकेले हैं, या फिर…
क्या हम कृत्रिम मेधा के प्रयोग से उत्पन्न संकटों के लिए तैयार हैं?
डॉ. शैलेश शुक्ला मानव सभ्यता के इतिहास में तकनीकी क्रांतियों ने सदैव हमारे अस्तित्व की…

‘फोर मोर शॉट्स प्लीज’ फेम, मानवी गागरू
सुभाष शिरढोनकर 5 सितंबर 1985 को देश के दिल यानी दिल्ली के एक कश्मीरी पंडित सुरेंद्र गागरू और उर्मिल गागरू के परिवार में पैदा हुई

