रामस्वरूप रावतसरे उत्तर प्रदेश के इतिहास और सांस्कृतिक सफर में एक बड़ा ऐतिहासिक मोड़ आया है। वाराणसी के पास स्थित सारनाथ को यूनेस्को की विश्व
Category: History & Archeology
गुरु पूर्णिमा : गुरु-शिष्य संबंधों का जागरण पर्व
डॉ. घनश्याम बादल तस्मै श्री गुरुवे नमः की भारतीय संस्कृति में यदि किसी संबंध को सर्वाधिक पवित्र और जीवन-निर्माणकारी माना गया है तो वह है
पैसरा : जहाँ एक लाख वर्ष पहले लिखी गयी भारत के इतिहास की पहली इबारत
गौतम चौधरी इतिहास केवल नगर, परकोटों, भग्नावशेषों, इमारतों, राजाओं-रानियों की कहानियां, युद्ध आदि की कथा तालिका ही नहीं होती, इतिहास उस पुरातात्विक अवशेषों की वैज्ञानिक
36 वर्ष बाद भी कश्मीरी हिंदुओं को न्याय का इंतज़ार
गजेन्द्र सिंह जब भी भारत में कश्मीर की चर्चा होती है, बहस प्रायः सीमा पार आतंकवाद, सुरक्षा, बहुसंख्यक कश्मीरी मुसलमानों के अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति
रामानुजाचार्य : विशिष्टाद्वैत के आचार्य और सामाजिक समरसता के अग्रदूत
#वृतांतों की #यात्रा : #संन्यास बड़ा या #गृहस्थ? अक्षपाद् गौतम भारतीय दार्शनिक परंपरा में आदि शंकराचार्य, रामानुजाचार्य और मध्वाचार्य को वेदांत के तीन प्रमुख स्तंभ
इतिहास के मौन नायक : क्या मुंगेरी लाल जी को उनका उचित स्थान मिला?
गौतम चौधरी इतिहास केवल उन लोगों का नहीं होता जिनके नाम पर स्मारक बनते हैं, बल्कि उन लोगों का भी होता है जिनके विचार और
एडिनबर्ग में सुश्रुत की प्रतिमा : प्राचीन भारतीय विज्ञान की आधुनिक प्रतिष्ठा
गौतम चौधरी गत 19 जून को Royal College of Surgeons of Edinburgh के ऐतिहासिक परिसर में महर्षि Sushruta की कांस्य प्रतिमा की स्थापना केवल एक
सारिपुत्र से नालंदा तक : भारत की वह ज्ञान-परंपरा जिसे हमें याद रखना होगा
गौतम चौधरी बिहार के नालंदा के खंडहरों में घूमते हुए अधिकांश लोग ईंट-पत्थरों, स्तूपों और टूटी हुई दीवारों को देखते हैं। कुछ लोग वहाँ प्राचीन
शाण्डिल्य से सूफ़ी तक : प्रेम, अध्यात्म और साम्राज्य के बीच एक आलोचनात्मक संवाद
गौतम चौधरी मानव सभ्यता के आध्यात्मिक इतिहास में प्रेम एक ऐसा सूत्र है जो विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और धर्मों को अदृश्य रूप से जोड़ता है।
वह इथिपियाई गुलाम जो न केवल दक्कन में स्वदेशी शासन की नीब रखाी अपितु मराठा सल्तनक का बुनियाद भी बना
गौतम चौधरी भारतीय इतिहास में कुछ ऐसे व्यक्तित्व हैं जिनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होने के बावजूद उन्हें वह स्थान नहीं मिला, जिसके वे वास्तवक हकदार
